Monday, June 21, 2010

कहा गए वो लोग

एक दिन उसी रस्ते से
गुजर रहा था
चमचम सड़के
ऊँची-ऊँची इमारतो
दिकती थी चहुओर,
हरे भरे पेड़ों से से सजा था
वातावरण गुन्जन्मय था
खुशबू से सरोबर था।

कहते है शिक्षित लोगो और
बौधिक जनों का खूबसूरत
सुन्दर दुनिया है यह,
यही लोग दुनिया को
पढ़ाते है, आगे बढ़ाते है
नई-नई राहे दिखाते है
ना जाने किन- किन
उपायों से
मानव को कौन जाने
कहाँ पहुचाते है।

इसी बस्ती के न जाने
कितने छोटे मोटे काम
अशिक्षित अनजान लोग
इन्ही अच्छे लोगो का काम
निपटाते है. छोटी सी पगार में
न जाने कौन-कौन काम
निपटाते थे. सब बड़ी ही
मासूमियत से बड़ाई कर
काम निकल लेते थे.
इन्ही लोगो में था रघुबीर.

सीधा, साधा, भोला सा
न जाने किस मिटटी का इन्सान
हस्त रहता, गाता जाता
खुस होकर हर छोटा बड़ा
काम निपटता.

Sunday, June 20, 2010

बन जाओ

कुछ बन जाओ
कुछ कर जाओ
निखार दो अपनी मस्तक को
धार दो अपनी निगाहों को,
बल परिपूर्ण करो बांहों को
फैला दो सीना प्रेम कि बहारो को
मत भूलो इस जीवन के उपकार
मत भूलो मानव का आहार
कर दो मानवता का एक नया
फिर से चमत्कार

जीवन को इतना
उपयोगी कर दो,
हर कोई मानव से प्यार करे
तकरार करे भी तो
एक दूजे से करे प्यार

जहरीले हो बन जाओ

तुम जहरीले हो जाओ
जो मिले उसे खा जाओ
इंसानियत को मिटा दो
अपने को मसीहा बता
एक नया धर्म चला दो
जहर बोओं, जहर फैला दो.

आदमी को बक्श
आदमी को आदमी बना दो
उन जहरीले लोगों के लिए
तुम जहरीले बन जाओ.

सबको खिला दो
जहर पिला दो
जहर से नहला दो
मई ही नहीं
कभी तो तुम्हारा कोई
अपना जिसे समझते होगे
वो भी तो मरेगा,
तुम्हारे जहर से, तुम्हारे कहर से
इसी लिए तो कहता हूँ
तुम जहरीले बन जाओ.

कभी तो अहसास होगा ही
कोई तो अपना होगा ही,
जो तुम्हे भी पिलाएगा जहर
जो तुम्हे भी तड्पाएगा
या फिर तुम्हे तुम्ही से
अलग कर अपना जहर फैलाएगा
इसी लिए तो कहता हूँ
तुम जह्रीके हो जाओ

जहर पीकर मुझे उम्मीद है
तुम अमर हो जाओगे
दूसरो को बचाओगे
जहर है जह्रीलो को क्या
दूसरों का जहर पी जाओ
ख़त्म कर दो उनको,
जिन्होंने आदमी को जहरीला बना दिया,
जहर पी कर भी जीना सिखा दिया
किसी को तो उनको मरना ही होगा
तुम्ही करो यह काम
जहार्वालो का जहर पी लो
जहरीले बन जाओ.