Sunday, June 20, 2010

जहरीले हो बन जाओ

तुम जहरीले हो जाओ
जो मिले उसे खा जाओ
इंसानियत को मिटा दो
अपने को मसीहा बता
एक नया धर्म चला दो
जहर बोओं, जहर फैला दो.

आदमी को बक्श
आदमी को आदमी बना दो
उन जहरीले लोगों के लिए
तुम जहरीले बन जाओ.

सबको खिला दो
जहर पिला दो
जहर से नहला दो
मई ही नहीं
कभी तो तुम्हारा कोई
अपना जिसे समझते होगे
वो भी तो मरेगा,
तुम्हारे जहर से, तुम्हारे कहर से
इसी लिए तो कहता हूँ
तुम जहरीले बन जाओ.

कभी तो अहसास होगा ही
कोई तो अपना होगा ही,
जो तुम्हे भी पिलाएगा जहर
जो तुम्हे भी तड्पाएगा
या फिर तुम्हे तुम्ही से
अलग कर अपना जहर फैलाएगा
इसी लिए तो कहता हूँ
तुम जह्रीके हो जाओ

जहर पीकर मुझे उम्मीद है
तुम अमर हो जाओगे
दूसरो को बचाओगे
जहर है जह्रीलो को क्या
दूसरों का जहर पी जाओ
ख़त्म कर दो उनको,
जिन्होंने आदमी को जहरीला बना दिया,
जहर पी कर भी जीना सिखा दिया
किसी को तो उनको मरना ही होगा
तुम्ही करो यह काम
जहार्वालो का जहर पी लो
जहरीले बन जाओ.




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